1.1 What is blogging and why should we do blogging and what is our career in blogging

ब्लॉगिंग क्या है और हमें ब्लॉगिंग क्यों करना चाहिए और ब्लॉगिंग में हमारा क्या career है?

ब्लॉग क्या है?

ब्लॉग बेसिकली एक पर्सनल डायरी की तरह ही होता है।

ब्लॉग और वेबसाइट में क्या डिफरेंस होता है?

जैसे अमेजॉन और फ्लिपकार्ट होता है उनको हम वेबसाइट कहेंगे और जिन वेबसाइट से हमें इंफॉर्मेशन मिलती है, वह एक ब्लॉग होता है।

जैसे कि सोशल मीडिया वेबसाइट या न्यूज़ वेबसाइट यह ब्लॉग वेबसाइट नहीं होती हैं।

जो शॉपिंग वेबसाइट होती हैं उनमें फ्रिक्वेंटली चेंज इज नहीं होते हैं और यह स्टैटिक नेचर की होती हैं.

जो ब्लॉगिंग वेबसाइट होती है. उसमें कंटेंट फ्रिक्वेंटली चेंज होता रहता है जो ऑथर होता है. वह अपनी ब्लॉग्स को चेंज करते रहते हैं. यह डायनामिक नेचर की होती हैं.

तो यह बेसिक डिफरेंस होता है. एक ब्लॉग और एक वेबसाइट में और इसमें एक बहुत ही इंपॉर्टेंट फेक्टर होता है जो कि होता है: Very Quick Update.

जो आपके पुराने लोग होंगे। उनको आपको अपडेट रखना होगा। जो भी आपके पुराने ब्लॉग होंगे। उनको भी अपडेट रखना पड़ेगा और आपको अपडेट रखना भी चाहिए।

जब भी हम पुराने आर्टिकल को अपडेट करते हैं तो उसे कहते हैं लाLife Cycle.  जब भी हम किसी पोस्ट को अपडेट करते हैं या बनाते हैं. तब ही हम उस आर्टिकल की Life Cycle को डिसाइड करते हैं और उसको हम फ्रिक्वेंटली अपडेट करते रहते हैं.

ब्लॉग कितनी तरह के होते हैं?

  1. Personal blog
  2. Niche blog
  3. Company blog

Personal Blog : पर्सनल Blog का मतलब होता है जिसमें कोई भी व्यक्ति अपने बारे में लिखता है. जैसे उसने कोई पोयम लिख दी । उसने पूरे दिन में क्या कुछ किया उसके बारे में लिख दिया। अगर कोई व्यक्ति घूमने के लिए गया है तो उसने वहां के बारे में कुछ लिख दिया और वहां की कोई इमेजेस डाल दी तो इसको कहते हैं पर्सनल ब्लॉग।

आज के टाइम पर पर्सनल ब्लॉग बहुत ही कम चलता है क्योंकि लोग ज्यादातर अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में सोशल मीडिया पर शेयर करना ज्यादा पसंद करते हैं. जैसे कि फेसबुक और इंस्टाग्राम।

Niche blog : Niche ब्लॉग का मतलब होता है उस टॉपिक के ऊपर ब्लॉग लिखना। जिसके बारे में आपको इंटरेस्ट हो. मतलब जिसके बारे में आपको लिखना पढ़ना और सुनना पसंद हो और उस टॉपिक के ऊपर आप जब कोई ब्लॉग create करते हो. तो उस टाइप के ब्लॉग को हम Niche ब्लॉग कहते हैं. जैसे कि बहुत सारे Niche ब्लॉग होते हैं. जैसे कि टेक्नोलॉजी में अपने सिलेक्ट कर लिया मोबाइल। तो मोबाइल Niche ब्लॉग है.  हम इस कोर्स में कंपलीटली Niche ब्लॉग के ऊपर ही सीखेंगे क्योंकि अगर ब्लॉगिंग में आपको earning करनी है तो आपको  Niche ब्लॉग ही बनाना पड़ेगा।

Company blog: जब कोई कंपनी अपने प्रोडक्ट या सर्विस इसके बारे में लोगों को अपडेट करती है तो वह होता है कंपनी ब्लॉग। इस तरह के ब्लॉग का मकसद earning करना नहीं होता है. यह ब्लॉग एक स्पेशल परपज की वजह से लिखा जाता है. जैसे के Microsoft’s website.  इस वेबसाइट में कंपनी अपने प्रोडक्ट ओर सर्विस इसके बारे में अपडेट करती रहती है. बस यही इनका मकसद होता है इस तरह की वेबसाइट को कंपनी ब्लॉग या बिजनेस ब्लॉग कहते हैं.

अगर इस तरह की वेबसाइट में कंपनी कोई ब्लॉग लिखती भी है तो भी हम इसको पर्सनल ब्लॉग नहीं कह सकते हैं. यह कंपनी ब्लॉग या बिजनेस ब्लॉग ही होता है.

लोग ब्लॉगिंग क्यों करते हैं?

ब्लॉगिंग करने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं. कुछ लोगों के लिए ब्लॉगिंग करना उनकी हॉबी होती है. कुछ लोग बिज़नेस पर्पस के लिए ब्लॉगिंग करते हैं.

और कुछ लोग ऑनलाइन अपने बिजनेस का ब्रांड बनाना चाहते हैं इस वजह से भी कुछ लोग ब्लॉगिंग करते हैं.

आपको भी कुछ ऐसा ही टॉपिक सिलेक्ट करना होगा जिस पर लोग सबसे ज्यादा सर्च करते हैं और पढ़ना पसंद करते हैं.

ब्लॉगिंग से हमें क्या-क्या फायदे हो सकते हैं?

ब्लॉग के जरिए हम अपना पोर्टफोलियो बना सकते हैं और उसको लोगों को दिखा सकते हैं.

अगर आपको ब्लॉगिंग अच्छे तरीके से आती है तो आप एक वेबसाइट बनाइए और उसमें बहुत अच्छे से ब्लॉगिंग करिए और जब आप जॉब इंटरव्यू देने जाओ तब वहां पर आप अपनी वेबसाइट को दिखा सकते हो जिससे आपको जॉब मिलने में हेल्प मिलेगी।

अगर आप ब्लॉगिंग अच्छे से सीखते हो तो मार्केट में ब्लॉगिंग से रिलेटेड बहुत सारे जॉब्स अवेलेबल होते हैं आप वहां पर जॉब भी कर सकते हो.

अगर आप कोई बिजनेस चला रहे हो तो मार्केटिंग की मदद से आप ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए अपने बिजनेस को और ज्यादा प्रमोट कर सकते हो जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा कस्टमर मिल सकते हैं.

आप एक ब्लॉग से अपने आप को एक ब्रैंड की तरह एस्टेब्लिश कर सकते हो जैसे कि आपने अमित अग्रवाल जी का नाम सुना होगा, हर्ष अग्रवाल का नाम सुना होगा और नील पटेल का नाम सुना होगा। यह लोग अपने आप में एक ब्रैंड हैं और आप भी अपने आप को एक ब्रांड बना सकते हो एक वेबसाइट या एक ब्लॉग के जरिए।

अगर हम एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं तो वह कौन कौन से रास्ते हैं जिनसे हम पैसे कमा सकते हैं?

  1. Google AdSense
  2. Affiliate marketing
  3. Selling add space
  4. Selling a product
  5. Create a membership site
  6. Donation button
  7. Sponsored review
  8. Website flipping
  9. Pay per click sites
  10. Sell Merchandise
  11. Job board

सबसे पहले हम गूगल ऐडसेंस की बात करते हैं. किसी भी वेबसाइट में ऐड दिखाई देती हैं या जब हम यूट्यूब पर वीडियो देखते हैं तो वहां पर भी ऐड दिखाई देती है. तो यह एड्स गूगल ऐडसेंस से आती हैं.

दूसरा है एफिलिएट मार्केटिंग जब हम किसी वेबसाइट का प्रोडक्ट सेल करवाते हैं तो उसमें से हमें कमीशन मिलता है तो उसको एफिलिएट मार्केटिंग कहते हैं.

सेलिंग एड्स, पर इसका मतलब यह है कि हम अपनी वेबसाइट में किसी कंपनी को एक स्पेस दे देते हैं जिसमें वह अपने प्रोडक्ट की ऐड लगा सकते हैं और हम उस जगह के पैसे लेते हैं.

सेलिंग ad प्रोडक्ट का मतलब यह है कि आप अपनी वेबसाइट में प्रोडक्ट भी सेल कर सकते हो जैसे कि आपने एक E बुक बना ली या कोई सॉफ्टवेयर बना लिया, उसको आप सेल करके पैसे कमा सकते हो.

क्रिएट ए मेंबरशिप साइट का मतलब होता है कि आपने कुछ वीडियोस बनाई और कुछ वीडियोस फ्री दे दी और बाकी की वीडियो Paid कर दी. मतलब आपने वहां पर डाल दिया कि पहली तीन वीडियो फ्री हैं. अगर बाकी देखना चाहते हो तो मेंबरशिप लेनी पड़ेगी और इस से भी आप पैसे कमा सकते हो.

उसके बाद में डोनेशन बटन. आपने वेबसाइट में डोनेशन बटन देखा होगा। कुछ वेबसाइट्स में हमें फ्री में इंफॉर्मेशन मिलती है या फिर यूज़ करने के लिए कोई टूल मिलता है. जिसका यूज करने के बाद वहां पर डोनेशन बटन लगा होता है कि अगर आपको यह टूल अच्छा लगा हो तो आप डोनेशन कर सकते हैं या अपने फ्री इमेजेस वाली वेबसाइट में डोनेशन बटन देखा होगा। उसमें भी पैसे कमाए जा सकते हैं.

उसके बाद में आता है स्पॉन्सर्ड रिव्यू इसका मतलब होता है आप किसी प्रोडक्ट के बारे में अपनी वेबसाइट में कोई आर्टिकल लिखते हो और उस पर प्रोडक्ट के बारे में बताते हो तो इस तरह के आर्टिकल को स्पॉन्सर्ड रिव्यू कहते हैं और इसमें आपको एक फिक्स प्राइस मिल जाता है. इस तरह के बिजनेस के लिए आपको अपनी वेबसाइट को बहुत अच्छा बनाना होता है. ताकि उस पर ज्यादा से ज्यादा विजिटर आ सके. उसके बाद ही आप स्पॉन्सर्ड रिव्यू कर सकते हो.

वेबसाइट फ्लिपिंग का मतलब होता है कि आपने एक वेबसाइट बना ली है और उसके बाद में आप उसको सेल कर देते हो, तो उसे वेबसाइट स्लीपिंग कहते हैं.

पे पर क्लिक साइट्स का मतलब होता है जिस तरह से गूगल एडवर्ड्स होता है. ठीक इसी तरह से कुछ वेबसाइट्स होती हैं जो कि आप की वेबसाइट पर ऐड लगाती हैं और उस ऐड पर जितने भी क्लिक आते हैं, उन क्लिक्स के हिसाब से आपको पैसे दिए जाते हैं.

उसके बाद में आता है sell Merchandise,  इसका मतलब होता है डिजिटल प्रोडक्ट के साथ-साथ आफ फिजिकल प्रोडक्ट भी बेच सकते हो. फिजिकल प्रोडक्ट बेचने को sell Merchandise कहते हैं.

उसके बाद में आता है जॉब बोर्ड, आप अपनी वेबसाइट में जॉब बोर्ड लगा कर भी पैसे कमा सकते हो.

 125 total views,  1 views today

Leave a Comment

Your email address will not be published.