5.4 How To Post Your Article (Advanced)

वेबसाइट में आर्टिकल पोस्ट के अंदर लिखा जाता है पेज के अंदर नहीं लिखा जाता।

अपने आर्टिकल में टेबल बनाने के लिए हम एक प्लगइन का यूज करेंगे वैसे तो आर्टिकल लिखते समय एक टेबल की ऑप्शन होती है लेकिन उसमें ज्यादा फीचर नहीं मिलते। इसलिए हम एक प्लगइन का यूज करेंगे। जिसका फायदा यह होगा कि आप आर्टिकल लिख दीजिए। टेबल अपने आप बन जाता है अपने आप हैशटैग लग जाता है.

यह प्लगइन काम कैसे करता है?

यह हमारे आर्टिकल में हेडिंग को ट्रैक करता है जितने भी हम हेडिंग सब हेडिंग h1 h2 बनाएंगे उन सभी को यह ट्रैक कर लेता है और एक टेबल बना देता है।

और हम इस टेबल की पोजीशन को भी सेट कर सकते हैं.

Name: LuckyWP Table of Contents

आर्टिकल में जितने भी हेडिंग होते हैं उनको सबसे ऊपर दिखना चाहिए यही सर्च इंजन के लिए और यूजर के लिए सही होता है.

इसके लिए हम एक प्लगइन का यूज करेंगे LuckyWP Table of Contents जो कि बिल्कुल फ्री है इससे आपके आर्टिकल में जितने भी हेडिंग होंगे वह सबसे ऊपर आ जाएंगे।

सबसे पहले आप कंटेंट को अपने पीसी में बनाओ। सिर्फ कंटेंट को ही बनाओ। उसके बाद में उस पूरे कंटेंट को कॉपी करके अपनी वेबसाइट में पेस्ट करो. पोस्ट में पेस्ट करो तो जहा  आर्टिकल लिखते हैं वहां पर पेस्ट करने के बाद हम वहीं पर ही इसको कस्टमाइज करेंगे। जब तक फाइनल कस्टमाइजेशन नहीं होगी। हम इसको सेव as  ड्राफ्ट करते रहेंगे। जब पूरा costmisation हो जाएगा उसके बाद हम इसको पब्लिश करेंगे और पब्लिश करने से पहले जो जो सेटिंग आपको करनी होगी, जो SEO के लिए बहुत सही होती है. उसके बारे में जानेंगे।

अगर आप अपना आर्टिकल इंग्लिश में लिख रहे हो तो आपको अपने क्रोम ब्राउजर में ग्रामरली क्रोम एक्सटेंशन को डाउनलोड कर लेना है और उसको एक्टिवेट कर देना है. उसके बाद जब आप आर्टिकल कंटेंट को कस्टमाइज करेंगे। तब वहां पर अगर आपके कांटेक्ट में कोई स्पेलिंग मिस्टेक हो गई तो उसके बारे में आपको पता चल जाएगा और आप वहीं पर ही उसको ठीक कर पाओगे।

आर्टिकल SEO में यह भी एक बहुत बड़ा फैक्टर होता है कि आपके कंटेंट में ग्रामर मिस्टेक नहीं होनी चाहिए।

ग्रामरली क्रोम एक्सटेंशन सिर्फ इंग्लिश लैंग्वेज में काम करता है और किसी लैंग्वेज में काम नहीं करता है।

अगर आपके पैराग्राफ में कोई लाइन बड़ी हो रही है तो उसको फुल स्टॉप या कोमा  की मदद से छोटी-छोटी लाइंस में डिवाइड कर देना है और अगर कोई पैराग्राफ बड़ा हो रहा है तो उसे भी दो पार्ट्स में डिवाइड कर देना है.

h1 कहां पर यूज करना है

आपके आर्टिकल में जितने मैन टॉपिक्स हैं. जो आपने टाइटल में शो किए हैं. फिर चाहे वह एक है या दो. आप के जितने मेन टॉपिक्स  हैं उतने ही आपने h1 यूज करने हैं और उनके अंदर आपने h2 h3 और  h6  तक यूज करना हैं.

जो आपका मेन टॉपिक होगा उसके मेन हैडिंग को आपने h1 बनाना है और उसके अंदर आपने h2 h3 रखना है.

यह कोई रूल नहीं है कि आपने जब आर्टिकल शुरू करना है तो वहां पर h1 ही रखना है. ऐसा कुछ नहीं है. आपने अगर स्टार्टिंग में इंट्रोडक्शन दी है तो वहां पर आप h2 रख सकते हैं और उसके बाद में जब आपका मेन टॉपिक स्टार्ट होगा. तो उसके हेडिंग को आपने h1 रखना है.

इंट्रोडक्शन का भी आप एक हेडिंग बनाओगे कि आप किस चीज के बारे में इंट्रोडक्शन दे रहे हो तो उसको h2 रखना है.

इंट्रोडक्शन ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए अगर बड़ी है तो उसको दो पार्ट में डिवाइड कर दो. ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई बंदा इंट्रोडक्शन पढ़े और बोर हो जाए.

ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप अपने आर्टिकल में बहुत सारे हेडिंग, सब हेडिंग बना दो, जहां पर जरूरत हो वहीं पर ही हेडिंग बनाने है, जितना हो सके कम ही बनाओ।

जैसे देखिए कोई लाइन है और वह लाइन मेन है, हेडिंग नहीं है, पर मेन है तो हम उस लाइन को QUOTES  में रख सकते हैं.

कोर्स में कैप्सन  भी देना है

जैसे हम h2 के अंदर कोट दे रहे हैं तो उस कोर्ट को आप H3 दे दीजिए।

जब भी आप किसी वेबसाइट से इमेज डाउनलोड करोगे तो वहां पर आपको इमेज के साइज आएंगे। आपने सबसे छोटे साइज को डाउनलोड करना है.

हमारे आर्टिकल में पहले दो पैराग्राफ होंगे जो के इंट्रोडक्शन के बारे में होंगे। इंट्रोडक्शन में हमने फोकस कीवर्ड को जितना ज्यादा हो सके डालना है और इस तरह से डालना है कि नेचुरल लगे ,जबरदस्ती नहीं घुसाना है.

आपको पूरे आर्टिकल में जो जो कीवर्ड या जो जो लाइन इंपॉर्टेंट लगे उस कीवर्ड या उस लाइन को अपने बोल्ड या इटैलिक कर देना है. ताकि गूगल को एक स्ट्रांग सिग्नल जाए.

आपने अपने आर्टिकल में ज्यादा कलर्स यूज़ नहीं करने हैं क्योंकि अगर आप ज्यादा कलर्स यूज़ करेंगे तो वह अनप्रोफेशनल लगता है.

हमने अपने आर्टिकल में इंटरनल लिंक्स देने हैं और एक्सटर्नल लिंक भी देने हैं.

अगर आपके आर्टिकल में एक टॉपिक के ऊपर ज्यादा सारे पोस्ट होंगे तो आपका आर्टिकल रैंक करेगा। आप उन आर्टिकल के लिंक एक दूसरे के साथ जोड़ दो। मतलब एक दूसरे के साथ इंटरनल लिंकिंग कर दो।

जब आप अपने आर्टिकल में किसी वेबसाइट का लिंक देते हो तो आप ध्यान रखें कि अगर उस आर्टिकल का लिंक जो आपने दिया है वह आपकी वेबसाइट की ही है तो आप उसी टैब में ओपन करोगे और अगर लिंक किसी दूसरी वेबसाइट का है तो आप ओपन इन न्यू टैब पर क्लिक करोगे।

जिस लाइन में है किसी वेबसाइट का लिंक दिया होता है तो उस लाइन के टेक्स्ट को एंकर टेक्स्ट कहते हैं।

लिंक दो तरह के होते हैं एक होता है do follow और एक होता है no follow अगर आप चाहते हो कि गूगल आप की वेबसाइट पर आए और उस वेबसाइट को जिसका आप लिंक दे रहे हो उसके ऊपर भी जाए, तो आप do  फॉलो लिंक दोगे, अगर आपको किसी वेबसाइट पर ट्रस्ट नहीं है तो no फॉलो लिंक भी दे सकते हो.

अगर आप रिज्यूम बनाना चाहते हो तो उसके लिए एक बेस्ट साइट है जिसमें टेंपलेट दिए हुए हैं आपने सिर्फ कुछ इंफॉर्मेशन पुट करनी है और आपका रिज्यूम ऑटोमेटिक लिए तैयार हो जाएगा।

https://zety.com/

आर्टिकल के एंड में आपने कंक्लुजन लिखना है और रीड मोर आर्टिकल्स के नीचे इसी सेम टॉपिक के ऊपर जितने भी अपने आर्टिकल लिखे हैं उनके लिंक देने हैं इसके लिए अपने विजिट का यूज नहीं करना है खुद लिखना है इसमें और उन आर्टिकल्स के टाइटल लिखकर उनमें इंटरनल लिंक देने हैं.

what is the meaning of conclusion?

विचार विमर्श के बाद लिया गया निर्णय, परिणाम, नतीजा.

हमने हमारे टाइटल में से वह वाला पार्ट कॉपी कर लेना है जिसमें फोकस कीवर्ड आ रहा हो और उसको परमा लिंक में डाल देना है या  URL  स्लग में डाल देना है.

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