2.1 How to Choose Your Niche And Profitable Topic

सबसे पहले हम यह सीखते हैं niche का क्या मतलब होता है.

नीस का मतलब होता है कोई एक टॉपिक जैसे हमने सिलेक्ट कर लिया स्पोर्ट्स, तो स्पोर्ट्स क्या हो गया एक niche ।

किसी एक वेबसाइट को बनाने के लिए एक टॉपिक चुना जाता है. उसको हम niche कहते हैं. किसी एक वेबसाइट के लिए एक niche को ही चुनना है. जब आप किसी एक टॉपिक को सिलेक्ट कर लेते हैं तो आपने उस वेबसाइट में किसी ओर टॉपिक से रिलेटेड ब्लॉग नहीं लिखने हैं. जैसे मान लीजिए आप स्पोर्ट्स पर वेबसाइट बना रहे हो तो आपने उस वेबसाइट के अंदर सिर्फ स्पोर्ट्स से रिलेटेड ही ब्लॉग्स बनाने हैं. ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप वेबसाइट तो स्पोर्ट्स पर बना रहे हो और आप उसमें एजुकेशन के ब्लॉग डालने लग जाओ. ऐसा बिल्कुल नहीं करना है.

आप जिस टॉपिक पर वेबसाइट बनाते हो आपने उसी टॉपिक पर फोकस करना है. जैसे कि अगर आप स्पोर्ट्स पर वेबसाइट बनाते हो तो स्पोर्ट्स रिलेटेड आपको बहुत सारे टॉपिक मिल जाएंगे।

जैसे क्रिकेट हो गया, बास्केटबॉल हो गया, टेबल टेनिस हो गया, आप इन पर ब्लोग्स लिख सकते हो। यह सारे स्पोर्ट्स के अंदर ही आते हैं।

आप किसी Niche में जितना गहराई पर जा सकते हो जाओ और मेरा सुझाव यह है कि किसी broad niche से स्मॉल niche ज्यादा सही रहती है।  मतलब आप एक ऐसा keyword चुनिए। जो keyword  तो छोटा हो लेकिन उसके अंदर काफी टॉपिक्स मिल जाए. जैसे स्पोर्ट्स एक कीवर्ड है और उसके अंदर आपको बहुत सारे टॉपिक मिल जाएंगे। लेकिन कई बार आप एक बड़ी लाइन जिसमें काफी सारे कीबोर्ड होते हैं उसको अपना niche बना लेते हैं तो उस पर रैंक करना मुश्किल हो जाता है.

Niche दो तरह के होते हैं

एक होता है macro और दूसरा होता है micro niche.  मैक्रो niche में आ जाता है जैसे मान लीजिए आप ने सिलेक्ट किया स्पोर्ट्स तो स्पोर्ट्स हो गया मैक्रो niche और स्पोर्ट्स के अंदर जैसे आ गया क्रिकेट तो क्रिकेट हो गया माइक्रो niche .

वेबसाइट बनाने के लिए आप माइक्रो निष् को सिलेक्ट करें। क्योंकि माइक्रो निष्  मैक्रोनी के मुकाबले बहुत जल्दी लाइक करता है. गूगल के अकॉर्डिग भी अगर आप मैक्रो निष् की बजाय अगर माइक्रो निष् पर वेबसाइट बनाते हैं तो वह बहुत जल्दी रैंक करता है. इसलिए आप माइक्रो निष् पर वेबसाइट बनाएं। example के लिए समझते हैं जैसे स्पोर्ट्स एक मेक्रो निष् है और क्रिकेट 1 माइक्रों निष्  है तो आप क्रिकेट के ऊपर अपनी वेबसाइट बना सकते हैं।  क्रिकेट एक टॉपिक है, क्रिकेट से भी बहुत सारे टॉपिक निकल सकते हैं. जिनके ऊपर आप ब्लॉग लिख सकते हो और वेबसाइट को रैंक करवा सकते हो. इसलिए आप माइक्रो निष् को सिलेक्ट करें। इससे आपकी वेबसाइट जल्दी रैंक करेगी। अगर आपके पास बहुत बड़ी टीम है जो सभी टॉपिक्स के ऊपर लिख सकती है तो आप broad टॉपिक को सिलेक्ट कर सकते हैं।

हमें हमेशा माइक्रो निष् इसके ऊपर ही ब्लॉग लिखना चाहिए क्योंकि अगर हम मैक्रो निष् पर ब्लॉग लिखेंगे तो गूगल को पता ही नहीं चलेगा कि हम किस चीज में एक्सपर्ट हैं. जैसे आप अगर स्पोर्ट्स choose करते हो. तो स्पोर्ट्स के अंदर बहुत सारी गेम्स आ जाती  हैं तो गूगल को नहीं पता चल पाएगा कि आपको क्रिकेट के बारे में ज्यादा पसंद है या फुटबॉल के बारे में ज्यादा पसंद है. इसलिए आप माइक्रो निष्  के ऊपर ब्लॉग लिखिए। माइक्रो निष्  मतलब आप जैसे क्रिकेट सेलेक्ट कर लीजिए या फुटबॉल सेलेक्ट कर लीजिए।  उसके बारे में पूरी डिटेल में अलग अलग टाइप के ब्लॉग लिख दीजिए जैसे क्रिकेट कैसे खेला जाता है, क्रिकेट में सबसे अच्छा बैट कौन सा होता है, फिर उस बेड की खासियत क्या है, मतलब क्रिकेट के अंदर ही आपने लिखना है तो इसलिए आप माइक्रो निष्  के ऊपर ब्लॉग बनाइए। वह जल्दी रैंक करता है और गूगल उसको ज्यादा इंपोर्टेंस देता है.

जब भी आप कोई कीवर्ड सिलेक्ट करो तो उसकी वर्ड में आपने पहले यह देख लेना है कि उस कीवर्ड  का कंपटीशन low होना चाहिए। आप मीडियम भी ले सकते हो लेकिन अगर आप low कंपटीशन कीवर्ड लेंगे तो ज्यादा अच्छा रहता है.

अगर किसी कीवर्ड  का कंपटीशन लो हो और सर्च वॉल्यूम बहुत ज्यादा हो तो वह कीवर्ड बहुत ही अच्छा होता है.

कीबोर्ड की bid 1 ₹ से ऊपर होनी चाहिए तभी उस कीवर्ड  को सिलेक्ट करना है.

अगर किसी की वर्ड की डिफिकल्टी हाई है तो आप उसकी वर्ड पर रैंक नहीं कर सकते।

जब आपकी वेबसाइट चल जाती है आपकी डोमेन अथॉरिटी बढ़ जाती है तो उसके बाद आप हाई कंपटीशन वाले कीवर्ड पर भी ब्लॉग लिख सकते हो लेकिन शुरू में सिर्फ और सिर्फ low कंपटीशन पर ही ब्लॉग लिखना है।

मार्केट ट्रेंड देखने के लिए आपubersuggest का यूज कर सकते हो उसमें पता चल जाता है कि किसी कीवर्ड का ट्रेंड चल रहा है या नहीं।

यह वेबसाइट काफी हद तक फ्री है और अगर ज्यादा यूज करना चाहते हो तो आपको पैसे लगाने पड़ते हैं.

आपने जिस की वर्ड पर ब्लॉग लिखना है उस की वर्ड को सर्च करना है सर्च में आपने देखना है कि किन किन वेबसाइट्स ने उस टॉपिक के ऊपर ब्लॉग लिखा हुआ है अगर आपको दिखाई दे कि कुछ  वेबसाइट ऐसी हैं जो कि सिर्फ उसी कीवर्ड के ऊपर ही अपनी वेबसाइट में blogs लिख रही हैं तो वह कीवर्ड अच्छा होता है.

जिस की बर्ड पर हमने ब्लॉग लिखना है उस की वर्ड के ऊपर हमने websites देखनी है और उन websites पर हमने यह चेक करना है कि उन्होंने कितने बैकलिंक लिए हुए हैं अगर उन्होंने बैकलिंक्स कम लिए हुए हैं तो हमारे लिए अपॉर्चुनिटी है हम उनसे ज्यादा बैकलिंक बनाकर उनको बीट कर सकते हैं लेकिन अगर उन्होंने बहुत ज्यादा बैकलिंक लिए हुए हैं तो फिर हमने उस की वर्ड को सिलेक्ट नहीं करना है क्योंकि हम उन्हें beat  नहीं कर सकते हैं.

अगर आप ऐडसेंस से कमाई करना चाहते हो तो आप cpc का रेट देखकर कीवर्ड सिलेक्ट कर सकते हो।

अगर आप एफिलिएट से कमाई करना चाहते हो तो आप गूगल में जाकर उस की वर्ड का नाम लिखकर आगे लिख दीजिए niche  एफिलिएट प्रोग्राम्स तो नीचे आपको रिजल्ट आ जाएंगे उस की वर्ड के ऊपर जितने भी एफिलिएट प्रोग्राम चल रहे होंगे, आप उनके बारे में अपने ब्लॉग में लिखो या उनके ऊपर एक डेडीकेटेड ब्लॉग लिख कर उन में उन प्रोडक्ट के एफिलिएट लिंक डाल सकते हो उस से भी आप earning कर सकते हो आप ऐमेज़ॉन में जा सकते हो ऐमेज़ॉन में आपको पता चल जाएगा कि किस टॉपिक पर कितना कमीशन मिलता है. जिस टॉपिक पर आपकी एक्सपर्टीज हो या जिस टॉपिक पर ज्यादा प्रॉफिट मिल रहा हो आप उस की वर्ड के ऊपर ब्लॉग लिख सकते हो और उनमें एफिलिएट लिंक डाल सकते हो.

सबसे पहले हम उन topics की एक लिस्ट बना लेंगे जिन topics के ऊपर हम लिख सकते हैं फिर उनमें से हम एक topic सिलेक्ट करेंगे जिसके ऊपर हम अपनी वेबसाइट बनाएंगे या एक ब्लॉग लिखेंगे।

सबसे पहले आपने यह देखना है कि आपको किस टॉपिक के ऊपर इंटरेस्ट है.

उसको चेक करने के लिए एक फार्मूला है जिसका हम यूज करेंगे

सबसे पहला टॉपिक आता है passion मतलब आपका इंटरेस्ट आप उन 15 से 20 टॉपिक की लिस्ट बनाइए जिनके ऊपर आपको इंटरेस्ट हो. अगर आपने ऐसे ही कीवर्ड चुन लिया जिनके ऊपर आपको कोई इंटरेस्ट नहीं है तो आप दो-चार दिन में उस टॉपिक के ऊपर अक जाओगे और ज्यादा नहीं लिख पाओगे। इसलिए आप उन की वर्ड की लिस्ट बनाइये  जिनके ऊपर आपको इंटरेस्ट हो तो यह हो गया हमारा पैशन।

दूसरा पॉइंट है प्रॉफिटेबिलिटी। इसका मतलब यह होता है कि आप उन टूल्स के ऊपर जाओ और वहां पर देखो के किन किन की वर्ड के ऊपर ज्यादा प्रॉफिट मिल रहा है या ज्यादा CPC मिल रही है जिन जिन की वर्ड के ऊपर ज्यादा प्रॉफिट मिल रहा हो उन की वर्ड की एक लिस्ट बना लीजिए।

अब हमने देखना है कि पैशन और प्रॉफिटेबिलिटी की लिस्ट में कौन कौन से टॉपिक मैच करते हैं जो जो टॉपिक मैच कर रहे होंगे उनकी एक अलग लिस्ट बना लीजिए।

उसके बाद में तीसरा टॉपिक आता है नॉलेज। इसका मतलब यह है कि आपने जो लिस्ट बनाई है क्या आपको उन टॉपिक्स के बारे में नॉलेज है अगर नहीं है तो कोई दिक्कत नहीं है आप इंटरनेट से सीख सकते हो क्योंकि इंटरनेट के ऊपर नॉलेज की कमी नहीं है.

देखिए सीखने को तो इंटरनेट पर मिल ही जाता है लेकिन सबसे जरूरी चीज यह है कि आपको उस टॉपिक के ऊपर इंटरेस्ट होना चाहिए क्योंकि अगर इंटरेस्ट होगा तभी आप उस टॉपिक के ऊपर सीख पाओगे और दूसरा उसके ऊपर प्रॉफिट होना चाहिए। तो प्रॉफिट और इंटरेस्ट बहुत जरूरी है. आपने दोनों चीजों को ध्यान में रखकर ही कीवर्ड को चुनना है.

जिस कीवर्ड पर आप ब्लॉग लिखना चाहते हो अगर उस की वर्ड के ऊपर मार्केट ट्रेंड अच्छा चल रहा है या मार्केट में वह कीवर्ड चल रहा है तो ही आप उसकी वर्ड के ऊपर ब्लॉग लिखेंगे। अगर ट्रेंड नहीं चल रहा है तो आप उसकी वर्ड को छोड़ देंगे। किसी दूसरे टॉपिक के ऊपर चले जाएंगे।

अगर किसी की वर्ड का कंपटीशन हाई है. तब ही हम उस की वर्ड के ऊपर रैंक कर सकते हैं लेकिन हमें उस की वर्ड के कंपटीशन को अच्छी तरह से समझना होगा। समझने के बाद ही हम उसकी वर्ड के ऊपर रैंक कर सकते हैं.

https://trends.google.com/trends/?geo=US

इस वेबसाइट में आप किसी भी टॉपिक के ट्रेंड के बारे में जान सकते हो कि उस टॉपिक पर क्या ट्रेंड चल रहा है.

एक बहुत बड़ा question जो लोगों के दिमाग में होता है कि मान लीजिए आपके दिमाग में कुछ नहीं है. आपके पास कोई भी टॉपिक नहीं है. जिसके ऊपर आप सर्च कर सको. तो उसके लिए आप गूगल ट्रेंड्स में जाइए। आपको वहां पर कोई कीवर्ड सर्च नहीं करना है. आपने नहीं सिर्फ नीचे जाना है, नीचे आपको ज्यादा search  होने वाले ट्रेंडिंग टॉपिक मिल जाएंगे। आप वहां पर country सेलेक्ट कर सकते हैं और वहां पर आपको अभी जो ट्रेंडिंग में टॉपिक चल रहे हैं और कितने searches हो रहे हैं सब कुछ पता चल जाएगा। आप डायरेक्टली उन टॉपिक्स के ऊपर ब्लॉग लिख सकते हो.

यहां से आप keywords की लिस्ट बना लो और उन keywords  को आप seo tool के अंदर डालकर सर्च करो और वहां पर आप उनका कंपटीशन, सर्च वॉल्यूम, बैक लिंक इन सब के बारे में पता करो और फिर आप उस टॉपिक को सिलेक्ट करो.

जब आप गूगल ट्रेंड्स में कुछ सर्च करोगे तो वहां पर आपको लिखा आएगा कि आप टॉपिक सेलेक्ट करना चाहते हैं या टर्म तो आपने वहां पर टॉपिक सेलेक्ट करना है.

अब आप जान चुके हो कि निष् क्या होता है और कैसे आपको एक निष् सिलेक्ट करना चाहिए और उसकी लिस्ट कैसे बनानी चाहिए। कैसे कीवर्ड रिसर्च टूल और उबरसजेस्ट के अंदर जाकर आपको कीवर्ड्स डाल डाल कर देखने चाहिए और निष् सिलेक्ट करना चाहिए।

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