2.3 How to Choose Your Domain

डोमेन नेम क्या होता है?

जैसे facebook.com हो गया google.com हो गया तो इसको होता है डोमेन नेम।

सबसे बीच वाले पार्ट को जैसे के गूगल, फेसबुक यह सब होता है name और लास्ट वाले पार्ट को जैसे के हो गया .com,  .in, .org इनको कहते हैं एक्सटेंशन।

WWW  की फुल फॉर्म world wide web होती है।

अगर आप WWW  नहीं भी रखते हैं तो भी वह एक वेबसाइट को ही रिप्रेजेंट करता है.

ICANN एक ऑर्गेनाइजेशन है जो के सभी डोमेंस को करिएट करती है.

यह जो ऑर्गेनाइजेशन होती है यह डोमैंस को IP एड्रेस में बनाती है। उन आईपी ऐड्रेस को डोमेन कंपनी को दे दिया जाता है और उससे एक डोमिन बनता है और उनमें उसको हम परचेंज करते हैं।

किसी भी वेबसाइट के पूरे एड्रेस को लिंक या URL कहते हैं।

डॉट कॉम, डॉट इन, डॉट ओआरजी को हम टॉप लेवल डोमैंस कहते हैं और अगर आप इंडिया के लिए डोमेन ले रहे हो तो आप डॉट इन ले सकते हो और अगर आप यूके के लिए ले रहे हो तो डॉट यूके भी ले सकते हो.

जो टॉप लेवल डोमैंस होते हैं उनको हम वर्ल्ड वाइड यूज कर सकते हैं. उनमें कोई प्रॉब्लम नहीं है लेकिन अगर हम .uk या .usa  ,इस तरह के domains लेते हैं तो वह फॉरेन कंट्रीज में ही चलते हैं।

जिस कंट्री के लिए आप डोमेन ले रहे हो आप उस कंट्री के एक्सटेंशन ले सकते हो।

और अगर आप चाहते हो कि आपका डोमेन वर्ल्ड वाइड सर्च हो, सारी दुनिया में चल सके तो आप टॉप लेवल डोमैंस जैसे के डॉट कॉम, डॉट नेट, डॉट ओआरजी, .info  भी ले सकते हो.

अब हमने यह तो जान लिया की डोमेन क्या होता है. अब हम जानेंगे कि एक अच्छा डोमेन कैसे सिलेक्ट किया जाता है.

आपने अपनी वेबसाइट का जो niche रखा है उस से रिलेटेड ही आप अपनी वेबसाइट का डोमेन सिलेक्ट करें। देखिए एक दिन में लाखों-करोड़ों वेबसाइट बनाई जाती हैं. इसलिए हो सकता है जो आपने सोचा हो वह डोमेन name आपको ना मिले। इसलिए मैं आपको एक वेबसाइट के बारे में बताता हूं. उस में जब आप अपने कीवर्ड को डालेंगे तो आपको उसकी वर्ड के डोमेन की अवेलेबिलिटी का पता चल जाएगा। अगर अवेलेबल ना भी हुआ तो आपको उस से रिलेटेड अदर domains के ideas मिल जाएंगे। जिनको आप अपनी वेबसाइट के लिए सिलेक्ट कर सकते हैं.

https://domainwheel.com/

इस वेबसाइट के अंदर आपको डोमैंस के बहुत सारे आइडियाज मिल जाएंगे जैसे कि आपने अपनी वेबसाइट का niche सिलेक्ट कर लिया है. लेकिन आपको डोमेन के लिए कोई आईडिया नहीं सूझ रहा है तो आप इस वेबसाइट में आइए और यहां पर अपने niche का नाम लिखिए और फिल्टर में आप डॉट कॉम, डॉट नेट या  जो आप चाहते हैं वह सेलेक्ट करिए और search domain  पर क्लिक करिए। आपको बहुत ही सारे अच्छे अच्छे डोमेन आइडियाज मिल जाएंगे और उनको आप अपनी वेबसाइट का डोमेन सेलेक्ट कर सकते है।

यहां से डोमेन सिलेक्ट करने के बाद आप Godaddy या Bluehost या hostinger में जाइए। वहां पर आप उस डोमेन नेम को डालिए। अगर वहां पर आपको प्राइस अच्छा लगे तो आप वहा  से परचेंज कर लीजिए।  लेकिन परचेस करने से पहले आप सभी वेबसाइट में उस डोमेन को डालकर जरूर देखें क्योंकि अलग-अलग वेबसाइट के अलग-अलग प्राइस होते हैं। जहां पर कम प्राइस मिले वहां से डोमेन परचेज करिए।

अगर किसी को लगता है कि डोमेन हम जहां से खरीदते हैं वहां से वेबसाइट की स्पीड का फर्क पड़ता है तो ऐसा कुछ नहीं होता जो वेबसाइट की स्पीड होती है वह होस्टिंग पर डिपेंड करती है. तो होस्टिंग के सेक्शन में हम सीखेंगे के आपको कौन सी होस्टिंग लेनी चाहिए तो domain आप कहीं से भी ले लीजिए कोई फर्क नहीं पड़ता। बस आपने अपने पैसे बचाने हैं इसलिए आप सर्च करके देख लीजिए कि कौन सी वेबसाइट पर आपको डोमेन कम प्राइस पर मिल रहा है.

डोमेन सर्च करने के लिए एक और वेबसाइट है

https://instantdomainsearch.com/

डोमेन सर्च करने के लिए एक और वेबसाइट है जिसमें आप डोमेन आइडियाज सर्च कर सकते हैं। उसका नेम है https://instantdomainsearch.com/ इस वेबसाइट में आप अपने niche का नाम डालिए और नीचे जाइए। सबसे नीचे आपको niche से रिलेटेड बहुत सारे डोमेन idea  मिल जाएंगे। जिस पर WHOIS लिखा होगा वह डोमेन अवेलेबल नहीं होगा।  जिस पर प्राइस लिखा होगा वह फिक्स प्राइस का होगा और जो जिन पर BUY लिखा होगा उनको आप godaddy साइट के अंदर सर्च करके देख सकते हैं।

अब हम बात करते हैं ब्रैंडिड नेम्स के बारे में। तो ब्रांडेड नेम्स क्या होते हैं, देखिए जैसे आपने सुना होगा amazon.com या amazon.in या facebook.com तो इस तरह की वेबसाइट के डोमेन नेम का इनके कंटेंट के साथ कुछ लेना देना नहीं होता। कोई सिमिलरिटी नहीं होती है फिर भी यह नाम सबको याद है क्योंकि इन्होंने अपने नेम को फ्रेंड बना लिया है इसलिए इनको ब्रांडेड नाम कहा जाता है असल में ब्रांडेड नेम 1 बिल्कुल छोटा सा कीवर्ड होता है.

जो कि आसानी से याद रखा जा सकता है टाइप किया जा सकता है. इसलिए short कीवर्ड्स को यूज किया जाता है. यह लोग क्या करते हैं इन नेम्स की advertesment इतनी ज्यादा कर देते हैं के लोगों को इनका domain name याद हो जाता है और फिर वह एक ब्रांड बन जाता है. तो इसमें बहुत investment करनी पड़ती है। किसी नॉर्मल से कीवर्ड को एक ब्रैंडिड नेम बनाने के लिए मैं आपको यही suggest करूंगा कि आप अगर शुरुआत कर रहे हैं और जल्दी से गूगल सर्च इंजन में रैंक करना चाहते हैं और वह भी बिना इन्वेस्टमेंट किए, सिर्फ SEO के जरिए। तो आप अपने Niche से रिलेटेड डोमेन ही रखिए। ताकि डोमेन नेम से आपकी वेबसाइट के बारे में पता चल सके. जैसे के blogging.com , इससे पता चलता है कि इस वेबसाइट के अंदर ब्लॉगिंग सिखाई जाती है। अब जैसे हम amazon.com के बारे में देखते हैं तो ऐमेज़ॉन का मतलब प्रोडक्ट selling से बिलकुल भी मिलता-जुलता नहीं है. बस यह एक ब्रांड बन चुका है. इसलिए यह सबको याद है. अदर वाइज इनका कंटेंट के साथ कोई लेना देना नहीं होता। तो यह तो हो गया नेम के बारे में  की हमें डोमेन नाम सिलेक्ट करना चाहिए।

उसके बाद में एक important फेक्टर होता है, जब आप अपने डोमेन नेम को final कर लेते हैं तो उस डोमेन नेम को पहले आपने चेक करना है कि क्या वह डोमेन नेम सोशल मीडिया पर अवेलेबल है या नहीं।  उसके लिए एक वेबसाइट होती है जिसके बारे में मैं बताऊंगा।

आपने उस वेबसाइट में अपने डोमेन नेम को डालना है, बिना एक्सटेंशन के। तो वहां पर आपको अवेलेबिलिटी का पता चल जाएगा कि कौन से सोशल मीडिया पर आपका डोमेन नाम अवेलेबल है और कौन से सोशल मीडिया पर अवेलेबल नहीं है. तो अगर वहां पर अवेलेबिलिटी ज्यादा होती है, कि सभी सोशल मीडिया पर डोमेन नेम अवेलेबल है. तो आपने उस डोमेन को सिलेक्ट करना है।  क्योंकि अगर किसी ने पहले से ही same डोमेन नाम पर प्रोफाइल बना रखी है तो आपके लिए मुश्किल हो जाएगा।  क्योंकि जो प्रोफाइल पुरानी बनी हुई है और आप भी उसी नाम से प्रोफाइल बनाते हैं तो जब कोई उस प्रोफाइल नेम को सर्च करेगा, उस सोशल मीडिया पर ,तो उस बंदे का अकाउंट आएगा ना कि आपका।  इसलिए सोशल मीडिया पर अवेलेबिलिटी चेक करना बहुत जरूरी है।

सोशल मीडिया पर अपने डोमेन नेम की अवेलेबिलिटी चेक करने के लिए जो वेबसाइट होती है उसका नेम है:

https://www.namecheckr.com/

आपने अपने डोमेन नेम के लिए ऐसा कीवर्ड सिलेक्ट करना है जो कि आप को कम से कम Facebook Twitterऔर Youtube में अवेलेबल मिल जाए, क्योंकि यह सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है ताकि आप फ्यूचर में यूट्यूब पर उसी name से अपना चैनल बना सकते हो। फेसबुक पर अपना पेज बना सकते हो और ट्विटर पर भी अपना पेज बना सकते हो।

तो इस तरह से आप डोमेन नेम सिलेक्ट कर सकते हो।

आप जो डोमेन नेम सिलेक्ट करोगे उस डोमेन नेम को एक बार आपने गूगल में भी सर्च करके देखना है कि उस name से कोई वेबसाइट तो नहीं है और उस डोमेन नेम की स्पेलिंग भी चेक कर लेनी है, स्पेलिंग गलत नहीं होनी चाहिए। अगर  स्पेलिंग सही होगी  तभी उसका मीनिंग निकल पाएगा।

अगर आपका डोमेन नेम बिल्कुल यूनिक होगा तो गूगल आपको did you mean से सजेस्ट करेगा, कि क्या आप इस कीवर्ड को सर्च कर रहे हो।  इससे आपको पता चल जाएगा कि आपका डोमेन नेम बिल्कुल यूनिक है।

तो अब तक हमने इस ब्लॉग में जो जो सीखा है उसको हम शॉर्टकट में रिवाइज कर लेते हैं.

  • 1 कोशिश करें कि आप जो डोमेन नेम रख रहे हैं वह डॉट कॉम से हो।
  • 2 अगर आप अपनी वेबसाइट किसी specific कंट्री के लिए बना रहे हो तो आप उस कंट्री की एक्सटेंशन भी ले सकते हो।
  • 3 आपका डोमेन नेम शॉर्ट होना चाहिए एक या दो कीवर्ड से बड़ा नहीं होना चाहिए।
  • 4 डोमेन नेम सिलेक्ट करने से पहले अपने डोमेन आईडिया देखना है और उसके बाद में प्राइस भी कंपेयर करना है जहां से कम प्राइस में मिलेगा वहां से परचेस करना है।
  • 5 उसके बाद में अपने डोमेन नेम कि सोशल मीडिया अवेलेबिलिटी भी चेक करनी है

जब आप डोमेन परचेज करेंगे तब वहां पर आपको कुछ वैल्यू ऐडेड सर्विसेज मिलेंगी आपको उन सर्विस इसको लेने की कोई जरूरत नहीं है. आप उनको select  ना करें। जब आप डोमेन परचेस  कर लेंगे तो आपको सिर्फ एक SSL लेने की जरूरत पड़ेगी। उसको भी आप परचेंज ना करें।  आज के टाइम पर जितनी भी होस्टिंग कंपनियां है सभी SSL  फ्री में दे रही हैं और अगर नहीं भी मिलता है तो आप होस्टिंग लेने के बाद उनको Request कर सकते हैं ssl  के लिए।  आपको वह ssl प्रोवाइड कर देते हैं।

जीएसटी वगैरह मिलाकर कम से कम हजार पर के आसपास डोमेन का खर्चा पड़ता है जो कि 1 साल के लिए होता है आप ज्यादा टाइम के लिए भी ले सकते हैं।

Domain Name Suggestion / Generator

https://instantdomainsearch.com/

Domain Registration sites

Social Media Availability checker

https://www.namecheckr.com/

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