6.3 How to set up analytics and search console (Google and Bing) with sitemap

किसी भी वेबसाइट में एनालिटिक्स सेटअप इसलिए करी जाती है ताकि हमें यह पता चल सके कि हमारी वेबसाइट में कितने विजिटर आ रहे हैं और कहां से आ रहे हैं.
कौन से डिवाइस से विजिटर आ रहे हैं. कंप्यूटर से आ रहे हैं या मोबाइल से आ रहे हैं। कितनी देर हमारी वेबसाइट पर रुके हैं. नए हैं या पुराने हैं.

एनालिटिक्स, सर्च कंसोल, ऐडसेंस, टैग मैनेजर, इन सभी को अपने कनेक्ट करने के लिए site-kit प्लगइन का यूज करना है. इससे इन सभी प्लेटफॉर्म्स को अपनी वेबसाइट के साथ कनेक्ट करने में आपको बहुत हेल्प मिलेगी।

जब आप की वेबसाइट में 15 से 20 आर्टिकल हो जाए उसके बाद में आप अपनी वेबसाइट को ऐडसेंस के साथ कनेक्ट कर सकते हैं. ऐडसेंस के साथ कनेक्ट करने के लिए आपको एक एचटीएमएल कोड मिलता है. उसको आपने इंसर्ट हेडर एंड फूटर प्लगइन की मदद से हैडर सेक्शन में पेस्ट कर देना है. गूगल साइट किट में ऐडसेंस को कनेक्ट कर देना है. कुछ दिनों के अंदर आपकी वेबसाइट रिव्यू हो जाएगी और इस तरह से आप अपनी वेबसाइट को ऐडसेंस के साथ कनेक्ट कर सकते हैं.

सर्च कंसोल में कनेक्ट करने के लिए गूगल साइट किट का यूज़ करेंगे. उसकी मदद से आप अपनी वेबसाइट को सर्च कंसोल में easly कनेक्ट कर सकते हो. सर्च कंसोल असल में सर्च इंजन होता है, जैसे गूगल और बिंग. वेबसाइट कनेक्ट करने के बाद आपने अपनी वेबसाइट के साइटमैप सर्च कंसोल में सबमिट करने होते हैं.

जैसे गूगल सर्च कंसोल वेबसाइट के साथ कनेक्ट किया जाता है. ठीक वैसे ही बिंग वेबमास्टर टूल को भी वेबसाइट के साथ कनेक्ट किया जाता है.

रूट डायरेक्टरी का मतलब होता है आपने अपनी वेबसाइट के सीपैनल में जाकर पब्लिक एचटीएमएल में फाइल को अपलोड करना होता है.

2nd

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